डायरी गेम 27 सितंबर मै आज अपने पार्लर वाली दीदी के पास गई थी।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु। मै सुबह के 6:00 बजे उठी ह, हमेशा की तरह मम्मी दूध का केन किचन में रख देती है मैं थोड़ा फ्रेश होकर घर के बाहर यानी द्वारा पर ताजी हवा ले लेती हूं क्योंकि इससे मेरा हेल्थ अच्छा रहत है। 7:00 तक किचन में जाती हूं,
उसके बाद चाय की तैयारी करते करते नाश्ता बनाने में भी लग जाती हूं क्योंकि हस्बैंड का मुझे टिफिन भी तैयार करना होता है इस वजह से जल्दी-जल्दी में कुछ ना कुछथोड़ा बहुत मिस्टेक हो जाता है।
आज मैंने टिफिन में अपने हस्बैंड को कुंदरू का भुजिया पराठा और सलाद साथ में दिया था, वह अपने टिफिन में फ्रूट्स लेकर नहीं गया बोले मेरा मन नहीं है छोड़ दो इस वजह मैने उसकी जगह पे थोड़ा कुछ नमकीन टाइप का कुछ दे दिया। जिससे ऑफिस का काम करते-करते शाम को भूख लगती है तो थोड़ा बात वो रहने से खाने में अच्छा लगता है।
आज मैंने बड़ा बिंदी लगाया था मुझे यकीन नहीं था कि मुझ पर अच्छा भी लगेगा बट ठीक लग रहा था।।
वह अपने टाइम पर तैयार होकर ऑफिस के लिए निकल जाते हैं उसके बाद में सबसे पहले अपनी डेली रूटीन के हिसाब से किचन का काम समाप्त करने के बाद अपने रूम को साफ करने आ जाती हूं,
मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है कि मेरे सामान इधर से उधर रहे हैं मैं हमेशा अपने रूम का सामान जगह पर रखती हूं और वैसे ही मुझे रखना पसंद आता है यह सब करते हैं 10:30 हो जाती है।
यह वेज पेंटिस पार्लर से लौटे समय खाए हमलोग बहुत स्वादिष्ट था और ऐसे भी मैं और मेरी ननद जब भी बाहर निकलते हैं कुछ ना कुछ स्पेशल कहते हैं।।
मैं नहा कर निकालती हूं उसके बाद धुंआ देखती हु ये सब करने बाद में नाश्ता में रोटी डाल चटनी और कुंदरू का भुजिया लेती हूं।
आज मुझे पार्लर जाना था अपने आइब्रोज और और फेस क्लीन करवाने के लिए, बहुत लंबे टाइम हो गया था मैंने यह नहीं करवाया था और ऐसे भी अपने आप से मैंने कहा है कि अब मैं खुद पे ध्यान दूंगी अपने हेल्थ का भी,,
मैं जब भी बाहर निकलती हूं मुझे हल्के कपड़े पहन कर निकालना बहुत ही अच्छा लगता है और ना कि ओवर मेकअप मुझे सिंपल रहना बहुत ही अच्छा लगता है।।
11:30 हम लोग पार्लर वाली दीदी के पास चले जाते हैं उसके बाद हमारा जो काम रहता है वह दीदी कर देती हैं घर आने के बाद में आज दोपहर के खाने में लो बनाती हूं और साथ में दाल और चोला रहता है। जब पार्लर वाली दीदी क्लीनअप कर रही थी मुझे याद आया कि उन्होंने बोला बीच-बीच में अपने फेस पर कुछ करते रहना चाहिए बट अपनी डेली रूटीन में इतना बिजी रहती हूं कि मैं टाइम नहीं निकाल पाती हूं लेकिन आज मैंने यह सोच मैं यह टाइम निकलूंगी जरूर अपने लिए।
यह हमने शाम के समय आलू का चिप्स खाया मुझे बहुत ही पसंद आता, मुझे ये कितना भी मिला जाए कम ही लगता है 😅।।
मुझे अच्छा लगा कि मैने खुद पे ध्यान दिया और इतने समय के बाद अपनी फेस के लिए कुछ करवाया फिर मैं रात को खाने की तैयारी में लग जाती हु, यह सब होने के बाद जो काम मेरे बाकी होती है उस से कर लेती हु अच्छा लगता मुझे फालतू टाइम वेस्ट करना अच्छा नहीं होता है। बस ऐसे है रहा आज का दिन मेरा।
धन्यवाद और नमस्ते दोस्तों!





