डायरी गेम 8 सितंबर अपने भैया की शादी के मटकोर पूजा को एंजॉय किया मैने बहुत ।।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु। मै बहुत ही लम्बे समय अपनी डायरी को शुरू नहीं कर पा रही थी क्यों कि मैं अपने घर कामों में बहुत ही व्यस्त ओर उलझ गई थी,, आज मैंने अपने से यह बोला सब काम अपनी जगह लेकिन आज मै अपनी डायरी जरूर लिखूंगे।
मै आज बेहद खुश हु क्यों कि मेरे बड़े भैया की भी शादी हो रही है मै अपने माँ घर आए हु अपने गांव 5:00 बजे उठी ओर वही बचपन वाली यादें ताजा होगे मेरे चिड़िया की आवाज वही सूर्य की रोशनी और हवाओं में वही ताजगी उठाती तो मैं रोजी थी सुबह लेकिन आज की सुबह मेरे लिए बहुत ही खास है।
आज मैं पूरा अच्छे से तैयार हु पर गर्मी से हालत खराब भी हुए।।
मेरे घर के आस पास के जितने बच्चे थे सब आगे मुझसे मिलने के लिए फिर उनके लिए जो मै लेकर गई थी यह से बिस्कुट और चॉकलेट्स वह देखकर बच्चे बहुत ही खुश हो गए खाने के बाद सबको रात के भोज का इंतजार था,,
हम बिहारी मै शादी के बहुत ही रिचुअल होते है आज पूरी फैमिली एक साथ होने वाली है यह सोचकर मैं बहुत ही खुश हु ।।
भईया के साथ मै ओर मेरे हसबैंड।।
जल्दी से मै नाश्ता पानी कर के काम में लग गए , मै इस दिन बहुत बेसब्री से इंतजार था कि अपने बड़े भैया को कब घोड़े पर सवार दूल्हा बनते हुए देखूंगी आज वह दिन आयेगा मैं ओर मां मटकोर पूजा का तैयारी में लग गए थे। दोपहर में 2 बजे से एक ओर रसम है उसके लिए भी तैयार होना था,
यह आशीर्वाद के टाइम का फोटो है।।
मुझे,यह सब होने के बाद हलवाई के पास गई उन्हें ने खाना बना दिया था बस सबको खाना खेलना था फिर हम सब ने मिलकर खाना खेला दिया सबको लास्ट में हम सब एक साथ खाना खा लिए यह सब करने के बाद ।
अपने परिवार के साथ की फोटो ।।
सम के 4:00 बजे मटकोर पूजा के लिए मै और फुआ मिलकर गे जितने भी पाटीदार लोग थे और लोग को मटकोर पूजा के लिए टाइम पे आने के लिए वहां सब औरत लोग को फिर हमसब तैयार होने में लग गे एक तो गर्मी इतनी थी कि हालत खराब हो जाती है
ये मटकोर पूजा का है।।
सब लोग जाने के लिए तैयार होगे थे अब घर से निकल ने के बाद जहां मटकोर होता पे आगे हमलोग फिर जो सब होता है वो सब हुआ,, घर आने के सब आंटी और भाभी सब डांस किए । ।





