डायरी गेम 5 अक्टूबर “मेरी रोज़मर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियाँ”।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु। मै बीच में थोड़ा बिजी होगे थी इस वजह अपनी डायरी को आज शुरू की हु।आज का दिन मेरे लिए काफी अच्छा और यादगार रहा। मेरा दिन रोज़ की तरह अपने घर के कामों से शुरू हुआ। सुबह 6 बजे उठकर मैंने घर के ज़रूरी काम पूरे किए। सुबह का समय घर के कामों में कब निकल जाता है, पता ही नहीं चलता। काम खत्म करने के बाद मैंने थोड़ा आराम किया और फिर दिन के बाकी कामों के लिए तैयार हो गई।
आज मुझे बाहर जाने और थोड़ी खरीदारी करने का मौका मिला। जब मैं दुकान पर पहुँची तो वहाँ अलग-अलग तरह की सुंदर चप्पलें और जूते रखे हुए थे। इतनी सारी सुंदर डिज़ाइन देखकर मेरा ध्यान बार-बार उनकी तरफ जा रहा था।
यह सब ही मुझे अच्छे लगे नए नए डिज़ाइन के थे कुछ मैंने इस में ट्राई भी किया ।।
मुझे खरीदारी करना वैसे भी अच्छा लगता है, इसलिए अलग-अलग चीज़ें देखना मुझे काफी अच्छा लगा। मैंने कुछ चप्पलें और जूते पसंद किए और उन्हें पहनकर भी देखा। कभी-कभी खरीदारी में केवल चीज़ें खरीदना ही ज़रूरी नहीं होता, बल्कि अलग-अलग चीज़ों को देखना और अपनी पसंद की चीज़ें चुनना भी अपने आप में एक अच्छा अनुभव होता है।
यह चप्पल मैने ट्राई किया मुझे इसकी कलर बहुत पसंद आए और मैने डेली पहने के लिए लिया जैसे कि मै इसे पहन के मार्केट या पास में भी कही जा सकती हु।।
खरीदारी के दौरान मुझे मोमोज़ खाने का भी मौका मिला। गरमा-गरम मोमोज़ और उसके साथ तीखी चटनी बहुत स्वादिष्ट लग रही थी। मैंने आराम से मोमोज़ खाए और उस छोटे से खाने के विराम का आनंद लिया। 😋 ऐसे छोटे-छोटे खाने के पल दिन को और भी अच्छा बना देते हैं।
मार्केट करते करते भूख लगी थी , तो फिर हमने सोचा दोसा खा ले फिर ये कही मिला ही नहीं तो फिर हमने यह टेस्टी चायनीज़ मोमोज़ खाया जो की बेहद ल जवाब था और साथ मै इसकी तीखी चटनी भी ।।
इसके बाद मैंने कुछ कपड़े और सुंदर डिज़ाइन भी देखे। रंग-बिरंगे कपड़ों को देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा। अलग-अलग रंग और डिज़ाइन देखकर मन करता है कि सब कुछ अपने लिए खरीद लिया जाए। 😄 लेकिन खरीदारी करते समय अपनी ज़रूरत और पसंद का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।
यह साड़ी बहुत ही अच्छा लगा मुझे कलर के साथ डिज़ाइन भी अच्छी लगी सिंपल में अच्छा लगा रहा था इसे बहुत ही आसानी से हैंडल कर सकते है और जब इसे पहन से भी अच्छा लगा गा खुद में।।
घर वापस आने के बाद मैंने अनार निकाला। ताज़े लाल-लाल अनार के दाने देखकर मन खुश हो गया। मैंने उसे साफ करके दाने निकाले और आराम से खाए। पूरे दिन बाहर घूमने और काम करने के बाद घर आकर आराम करना भी बहुत अच्छा लगा।
मुझे फल में अनार भी बहुत पसंद है इसे खाने से बहुत अच्छा लगता और जो मेरे बॉडी में खून की कमी होती उसे भी पूरी करता है ये बहुत ही हेल्थी होता है ।।
आज के दिन में कोई बहुत बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन फिर भी मुझे यह दिन बहुत अच्छा लगा। मुझे लगता है कि हमारी ज़िंदगी में खुशी हमेशा बड़ी चीज़ों से नहीं आती। कभी खरीदारी की छोटी-सी खुशी, कभी पसंद का खाना, कभी अपने लिए कुछ समय और कभी घर पर बैठकर फल खाना—यही छोटी-छोटी बातें हमारे दिन को खूबसूरत बना देती हैं।
धन्यवाद और नमस्ते दोस्तों!






