डायरी गेम 22 सितंबर आज मेरे घर प्यारे से मेहमान आए थे, बहुत ही अच्छा लगा इनके घर आने से।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु। आज मै बहुत ही जल्दी उठ जाती हु। सुबह 5:00 हमेशा की तरह सबसे पहले फ्रेश होके कपड़ा को चेंज करने के बाद मैं किचन में जाती हूं,
मम्मी दूध लेकर आती है सब कुछ ठीक करने के बाद मैं चाय बना शुरू कर देती हु ।
चाय बने के बाद सबसे पहले मम्मी को देती हु उसके बाद नाश्ता बने की तैयारी करती हु फिर मुझे याद आता है कि आज मेरे घर बच्चे लोग आने वाले होते है उनके लिए मुझे बाजार भी करना था तो मैं जल्दी से चाय लेकर जाती हूं।
आज भाभी ने अपने बच्चों को मेरे घर भेजा भैया के साथ मुझे आज बहुत अच्छा लगा ।।
अपने हसबैंड को उठाती फिर उनके ऑफिस जाने से पहले बाजार जाती हु बच्चों को जो सब पसंद था वो सब लेती हु ,,,,
मेरे हसबैंड को ज्यूस पीने का मन होता है तो वो ज्यूस पीते है तब तक मै बाजार कर लेती हु जिसे उनको भी अपने ऑफिस का लेट ना हो ये मुझे घर 8:45 तक आ जाते फिर मै जल्दी से उनका टिफिन देती हूं।
मौसमी का ज्यूस पिये मेरे साथ उनको यह ज्यूस बहुत ही पसंद है।।
थोड़े देर भैया भी आने वाले होते हैं बच्चों को लेकर उनके लिए मै खाना में आलू का सब्जी और पूरी बनती हु जब वो लोग आ जाते तब मैं सबसे पहले नाश्ता पानी देती हु भैया को फिर बच्चों हल्का पुलका ये सब करने के बाद मैं बाबू के साथ थोड़ा टाइम खेलती हु ,
आज मैंने दोपहर मैंने यह पूरी और आलू का सब्जी बनाया था और साथ में सलाद।।
और मुझे बहुत ही अच्छा लगता है बच्चों के साथ टाइम बीतना ऐसे भी छोटे बच्चों को सम्हालना हसन नहीं होता है।
इसकी मै सबसे पसंदीदा चाची हु यहाँ तक मुझे भी इनलोग को के साथ रहना बहुत अच्छा लगता है मुझे तो ऐसा लगता जब टाइम मिले तब मैं ये लोग से जाकर मिल लूं बच्चों के आने से घर भी घर जैसा लग रहा था पूरे घर का मोहाल पूरा अच्छा लगने लगा था,,
मेरा सबसे प्यारा बच्चा मुझे इसके साथ रहना बहुत ही अच्छा लगता है।।
मै भैया को पहुंच के 2:00 खाना खाने को देती हु क्यों कि मेरा यह मना है समय पे खाना खाने से सब ठीक रहता है फिर मै घर सब लोग को एक साथ बैठ कर खाना खाते है।
हम लोग थोड़ा आराम कर लिए और बाबू को भी थोड़ा खेल कूद ने बाद थक गए था वो भी सो गया था। मै आराम करने के बाद उठी तो जल्दी भैया जी के जाने का टाइम हो रहा था तो नाश्ता बने का तैयारी की शाम का बच्चों के लिए स्पेशल पास्ता बनाया मैंने।।
चाची ने अपने प्यारों से बच्चों के लिए स्पेशल वाला पास्ता बनाया ।।
भाभी के लिए भी कुछ पैक कर दिया था मैंने जब बाबू का जाने का टाइम आया तो मुझे अच्छा नहीं लग रहा था मन तो कर रहा था कि पास में उसको रख लूं बस इसे तरह आज का दिन बाबू के साथ निकल गया मेरा।





