डायरी गेम 30 सितंबर 💕 मेरे जीवन का एक खूबसूरत दिन।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु। आज मेरे दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे हुई। आज मैं बहुत ही खुश हूँ। मैंने थोड़ी देर मेडिटेशन किया। मेडिटेशन करने के बाद मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है। इससे मैं पूरे दिन अपने अंदर एक सकारात्मक और अच्छा एहसास महसूस करती हूँ।
मेडिटेशन करने के बाद मैंने घर के सारे काम पूरे किए। फिर मैंने नहाकर धूप की। धूप की खुशबू मुझे बहुत अच्छी लगती है। मुझे लगता है कि इससे मेरे मन की नकारात्मकता दूर होती है और मन शांत रहता है।
आज मैने यह लाल रंग का साड़ी पहना था, बहुत ही हल्का और अच्छा महसूस हुआ और खुद में भी सुंदर लग रहा था।।
आज मैंने साड़ी पहनी थी। मुझे साड़ी पहनना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन मुझे हल्की साड़ी पहनना पसंद है, जिसे मैं आसानी से संभाल सकूँ। मुझे बहुत भारी कपड़े, सूट या भारी साड़ियाँ ज्यादा पसंद नहीं हैं। लेकिन जब कहीं बाहर जाना होता है, तब मैं साड़ी पहन लेती हूँ।
मेरे घर आज लिट्टी पार्टी का योजना बन गया हम सब ने बहुत ही अच्छे से अपने लिट्टी पार्टी को एंजॉय किया, यह खाकर बहुत ही आनंद आ जाता है।।
आज भैया अंशिका को हमारे घर छोड़कर गए थे। जब वह आईं, तब मैंने उनके लिए अपने हाथ से खाना बनाया। उन्हें खाना बहुत पसंद आया। यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।
दोपहर 2 बजे मैंने अंशिका को सुला दिया। उसके बाद मैंने भी थोड़ा आराम किया। सुबह से घर के बहुत सारे काम होते हैं, इसलिए काम के साथ-साथ शरीर को थोड़ा आराम देना भी ज़रूरी होता है। थोड़ी देर आराम करने के बाद जब मैं उठी, तो मुझे बहुत अच्छा और तरोताज़ा महसूस हुआ। इससे मुझे महसूस हुआ कि जब मन और शरीर दोनों को थोड़ा आराम मिलता है, तो हम खुद को ज्यादा अच्छा महसूस करते हैं।
सबसे प्यारी बेटी है ये मेरे अपनी चाची की सबसे दुलारी भतीजी है यह मुझे बहुत ही मानती है और बच्चों के आने से घर में जो चहल-पहल हो जाते हैं उससे बहुत ही अच्छा लगता है इससे यह पता चलता है घर में एक बच्चा होना कितनी महत्वपूर्ण आवश्यकता है।।
उठने के बाद मैंने चाय-पानी बनाकर सबको दिया। फिर बेटू के लिए बॉर्नविटा बनाकर दिया।
आज मेरे मन में विचार आया कि क्यों न शाम को लिट्टी पार्टी की जाए। साथ में हमारे बिहार वाला बैंगन का चोखा और टमाटर का चोखा हो, जो बहुत ही स्वादिष्ट और मज़ेदार लगता है। 😊
फिर मैं इसकी तैयारी में लग गई। मेरी सासू माँ ने भी मेरी मदद की, जिससे काम और भी अच्छा लगा। मैंने सोचा कि इसमें से थोड़ा अपने भाई-भाभी और बच्चों के लिए भी भेज दूँगी, ताकि वे भी खाकर खुश हो जाएँ।
अब अपने हेल्थ पर ध्यान दिया था इस वजह से खुद को देखकर मुझे खुद में ही अच्छा लग रहा था इससे मेरी स्क्रीन भी अच्छी हो गई थी मैंने हर तरह से अपने ऊपर ध्यान दिया।।
मेरे पति को भी लिट्टी बहुत पसंद है और सासू माँ को भी। आज सब लोग लिट्टी-चोखा खाने के लिए बहुत खुश थे। जब भैया आए, तो हमने उन्हें भी खिलाया। इसके बाद भाभी और बच्चों के लिए भी लिट्टी-चोखा पैक करके भेज दिया।
रात में हम लोगों ने भी साथ बैठकर लिट्टी-चोखे का आनंद लिया। 😋
आज का दिन भी इसी तरह प्यार, अपनापन, परिवार और छोटी-छोटी खुशियों के साथ बहुत महत्वपूर्ण और अच्छा बीत गया।
धन्यवाद और नमस्ते दोस्तों!





